मकर सक्रांति या घुघुतिया makar sakranti or ghughutiya उत्तराखण्ड uttrakhand

क्यों मनाया जाता है ? मकर सक्रांति या घुघुतिया उत्तराखंड में why we celebrate makar Sankranti in uttrakhand

मकर सक्रान्ति उत्तरायणी घुघुतिया उत्तराखण्ड फोटो
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makar sakranti or ghughutiya मकर संक्रान्ति या घुघुतिया

मकर सक्रांति या घुघुतिया उत्तराखंड में ही नहीं देश के कई राज्यो और नेपाल में भी मनाया जाता है जहां 14 जनवरी को यह मकर संक्रान्ति या घुघुतिया मनाया जाता है वहीं पंजाब, हरियाणा में यह एक दिन पहले मनाया जाता है जबकि साल 2020 में 2 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है जिस वजह से यह त्योहार साल 2020 में एक साल बाद मनाया जा रहा है।

मकर सक्रांति या घुघुतिया क्यों मनाते हैं why we celebrate makar sankranti or ghughutiya

माना जाता है कि इस दिन सूर्य महाराज अपने पुत्र से मिलने जाते हैं जोकि मकर राशि के स्वामी हैं जिस कारण इस त्योहार को मकर संक्रान्ति के नाम से भी जाना जाता है।
    आज के दिन दान , स्नान किया जाता है देश की बड़ी एवं पवित्र नदियों में इस दिन स्नान किया जाता है तथा माना जाता है कि इस दिन दिया गया दान सौ गुना होकर वापस आता है।

मकर संक्रान्ति या घुघुतिया का महत्व importance of makar Sankranti or ghughutiya


इसी दिन से सूर्य उत्तरायण (धनु राशि) से मकर राशि में प्रवेश करता है तथा रात छोटी और दिन बड़े होने लगते हैं।

उत्तराखण्ड में मकर संक्रान्ति या घुघुतिया के अलग - अलग नाम different name of makar Sankranti or ghughutiya in uttrakhand

घुघुतिया उत्तरायणी , मकर संक्रान्ति इत्यादि ।
मकर सक्रान्ति या घुघुतिया को उत्तराखण्ड के कुमाऊ में घुघुतिया के नाम से मनाया जाता है जबकि उत्तराखण्ड के गढ़वाल में मकर सक्रान्ति को उत्तरायणी के नाम से मनाया जाता है


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